आजादी का अमृत महोत्सव इंकड्यू राष्ट्रीय साहित्य सम्मेलन में छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों के कवि, लेखक दिए प्रस्तुती

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०० इंकड्यू पब्लिकेशन द्वारा साहित्य अकादमी नेशनल एकेडमी ऑफ लेटर्स एवं नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड सहयोग से लिटफेस्ट का हुआ आयोजन

०० भारत के 12 राज्यों समेत बांग्लादेश, नेपाल, यूएई देशों के कवि, लेखक, कलाकार उपस्थित थे।

गीदम/दंतेवाड़ा | आजादी का अमृत महोत्सव इंकड्यू नैशनल लिट फेस्ट 2022 का आयोजन इंकड्यू पब्लिकेशन द्वारा साहित्य अकादमी नेशनल एकेडमी ऑफ लेटर्स एवं नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड के विशेष सहयोग से जून 11 से 13 तक दामनजोडी, जिला कोरापुट, ओडिशा में भव्य रूप से किया गया।  संपूर्ण लिटफेस्ट का प्रबंधन डॉ मनोज किशोर नायक संस्थापक इंकड्यू प्रकाशन, श्री प्रदीप कुमार होता मुख्य सलाहकार इंकड्यू प्रकाशन एवं अशोक कुमार पटनायक मुख्य संपादक सीमांत द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करते श्री योगेन्द्र महापात्रा, पानी मारीगला झाँ छत्तीसगढ़ी गीत के गीतकार और श्रीमती उर्मिला आचार्य, राष्ट्रपति पुरस्कार ग्रहिता, जगदलपुर, बस्तर एवं श्री अमुजुरी विश्वनाथ, लेखक व शिक्षाविद्, आस्था विद्या मंदिर जवांगा दंतेवाड़ा ने साहित्य और कविता सत्रों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।

 

 

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अमुजुरी विश्वनाथ ने स्वयं लिखित अंग्रेजी कविता “बिकॉज लाइफ इस ब्यूटीफुल” और हिंदी कविता “पापा आप बहुत याद आते हैं” प्रस्तुत की, जिससे भावनात्मक और साहित्यिक हर श्रोता, कवियों को छू लिया। डॉ मनोज किशोर नायक संस्थापक इंकड्यू प्रकाशन ने अमुजुरी विश्वनाथ को उनकी अद्भुत कविता के लिए मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र के साथ सम्मानित किया। उद्घाटन समारोह मुख्य अतिथि श्री सुशील कुमार पाढ़ी, कार्यकारी निदेशक नाल्को और सम्मानित अतिथियों श्री एमपी सामल समूह महाप्रबंधक (एचएंडए) नाल्को, श्री पीके बेहरा समूह महाप्रबंधक (सीआरजी) नाल्को, श्री कृष्ण सिंह स्वतंत्रता सेनानी (सर्वोदय आंदोलन) द्वारा शुरू किया गया था। अति विशिष्ट अतिथि संसद नबरंगपुर श्री रमेश चंद्र मांझी ने साहित्य व कला पर अपनी वाणी व्यक्त की और नई पुस्तकों का विमोचन किया। हर कोई एक कवि है, भारतीय साहित्य में महिलाएं, मेरी कविताएं, साहित्य का कोई सीमा नहीं : एक विश्व एक परिवार, मध्यरात्रि कविता सत्र लोगों को ऊर्जा और रचनात्मकता लाया।  धर्मराज मांझी, सुशील कुमार गोछायात, सोनल महाराणा, डॉ सुमंत कुमार पाढ़ी, रसमिता बारिक, दुर्गाप्रसाद पढ़ी, अशोक कुमार पटनायक एवं कौस्तुभ पटनायक को राष्ट्रीय कवि पुरस्कार और समाज सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दूसरे दिन, श्री आलोक कुमार अनुगुलिया, डिप्टी कलेक्टर कोरापुट ओडिशा ने मुख्य अतिथि के रूप में समापन समारोह में उपस्थित रहे और सभी कवियों एवं लेखकों को उनके शानदार कार्यों के लिए बधाई दी। अमुजुरी विश्वनाथ को संसद रमेश चंद्र माझी एवं डिप्टी कलेक्टर आलोक कुमार अनुगुलिया ने पुरस्कार से सम्मानित किया एवं साहित्य में विशेष योगदान हेतु अभिनंदन किया।

आदिवासी साहित्य: आधुनिक युग पर इसका प्रभाव, पोएटिका डी एबोरिजिनल, एक कलाकार का प्रयोग, बहुभाषी कविता सत्र जैसी विभिन्न चर्चाएं सफलतापूर्वक आयोजित की गईं। दुर्गा पढ़ी के नेतृत्व में साई केयर एजुकेशन इंस्टीट्यूट, नबरंगपुर, ओडिशा के छात्रों ने कोरापुट, ओडिशा की स्थानीय संस्कृति पर आदिवासी नृत्य किया। तीसरे दिन, पोएट्री ऑन व्हील्स गीत कविता प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जहां लेखक ओडिशा की सबसे ऊंची पर्वत चोटी देवमाली हिल पर गए। सरिता नायक एवं खुशबू कुमारी द्वारा साहित्य के मधुर आवाज से लिट फेस्ट का मंच संचालन किया गया। जिसमें भारत के 12 राज्यों छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, झारखंड, कर्णाटक, महाराष्ट्र, केरल, उत्तर प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल समेत बांग्लादेश, नेपाल, यूएई देशों के कवि, लेखक, कलाकार हिस्सा लिए।

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