बैगा जनजाति को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने लगातार किया जा रहा प्रयास: मंत्री मोहम्मद अकबर

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कबीरधाम जिले के 111 बैगा युवा बने शाला संगवारी

चयनित बैगा युवक-युवतियों के साथ ही उनके अभिभावकों ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति जताया आभार

रायपुर| वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने प्रदेश के कबीरधाम जिले के बैगा जनजाति के 111 युवक-युवतियों को आज कवर्धा के कलेक्टोरेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में शाला संगवारी के रूप में चयनितों युवाओं को प्रमाण पत्र वितरण किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
वन मंत्री श्री अकबर ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े हुए विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक उत्थान की दिशा में इस वर्ग के पढ़े-लिखे युवक-युवतियों को चतुर्थ एवं तृतीय वर्ग शासकीय नौकरी में सीधी भर्ती करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि शाला संगवारी के रूप में स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति वर्ग के युवक-युवतियों में उत्साह देखा जा रहा है। जिला प्रशासन स्तर पर यह कदम उनके जीवन उत्थान की दिशा में सकारात्मक कदम साबित होगा।
वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने चयनित युवक युवतियों को शाला संगवारी का प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की नई सरकार जो कहती है उन्हें पूरा भी करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवासरत अति पिछड़ी जनजाति वर्ग के शिक्षित युवक-युवतियों को शिक्षा और विकास की मुख्यधारा में शामिल करना राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस वर्ग के युवक-युवतियां को रोजगार देकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की शुरूआत कबीरधाम जिले से कर दी है।
वन मंत्री ने कहा कि डीएमएफ की राशि से शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन और उन्हें प्रभावी बनाने के लिए, संसाधनों की उपलब्धता बनाने, स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने तथा खनन और संबंध गतिविधियों में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष प्रभावित इलाकों के परिवार के सदस्यों को नर्सिंग, चिकित्सा शिक्षा, इंजीनियरिंग, निधि प्रबंधन, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, शासकीय संस्थाओं, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक शुल्क और छात्रावास शुल्क कें भुगतान के साथ ही सभी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग और आवासीय प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था की जा रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री राकेश पांडेय ने बताया कि इस वर्ष शिक्षकविहीन व एकल शिक्षकविहीन स्कूलों में माध्यमिक स्कूल के 8, हाईस्कूल के 4 और प्राथमिक स्कूल के 99 स्कूलों में शाला संगवारी के रूप में चयन किया गया है। इस अवसर पर कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्री लाल उम्मेद सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष श्री ऋषि कुमार शर्मा, क्रेडा सदस्य श्री कन्हैया अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि श्री होरी लाल साहू, श्री नीलकंठ चन्द्रवंशी, बैगा समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री इतवारी बैगा, जिला अध्यक्ष श्री कामू बैगा सहित अन्य जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित थे।

रोजगार सृजन करने में कबीरधाम जिला अव्वल :- छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद प्रदेश में कबीरधाम पहला जिला बन गया है, जहां छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 में संशोधन करने के बाद नई नीति के तहत स्थानीय युवाओं को रोजगार मुहैया के साथ-साथ चार और बड़े काम किए गए हैं। इससे जनसामान्य को प्रत्यक्ष लाभ मिला रहा है। जिला खनिज संसाधन न्यास के तहत कबीरधाम जिले में प्रदेश में पहली बार ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए 80 एएनएम की पदस्थापना की गई है। जिला अस्पताल में अलग-अलग विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती की गई है। इसके अलावा इस मद से जिले के सुदूर और पहुंचविहीन क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए बाईक एम्बुलेंस चलाई जा रही है। बाईक एम्बुलेंस के संचालन से जिले से हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।

चयनित शाला संगवारी इस प्रकार हैं:- सुबेसिंह, खेम मेरावी, रमेश कुमार धुर्वे, मीना, सुनऊ सिंह, श्रीमती गंगोत्री, पंचवती, खुजुर सिंह, सुखदेवी, हिरदु सिंह बैगा, धरम सिंह, शत्रुहन, करन सिंह, रामप्रसाद, सम्मल सिंह, राजेश कुमार बैगा, ईश्वर सिंह, तेजेश्वी, रतन सिंह धुर्वे, दिनेश, जगमोहन धुर्वे, गायत्री पिंडुलिया, सुखबती, राजकुमार, कु. जानकी धुर्वे, संजू कुमार मेरावी, टेकवंतीन धुर्वे, दिलीप कुमार, केशव प्रसाद, सोना बाई, नीतेश कुमार, सोनसिंह, चन्द्रबती, तिजऊ राम, सुकसिंह, भगतिन, तिजिया, सुखदेव राम, प्रेम सिंह, अजय सिंह मेरावी, गणेश कुमार मेरावी, बुध सिंह, सीमा, बरसाती, कृष्णा कुमार, पंचवती मरावी, ममता, बुधराम धु्रर्वे, रामसिंह बैगा, रामाधीन, मनबोधी, जनिया बैगा, दुकलू राम, ललित कुमार बैगा, जय सिंह बैगा, सोनराज, चैनसिंह, तिहारी, अमरित लाल, श्रीमती बिरसो बाई, राम कुमार, मान बैगा, संतोष कुमार बैगा, श्रीमती सरोज, ओमप्रकाश, शिवराम, मोतीलाल बैगा, मुंगेल सिंह, गन्नू राम, हिरऊ राम, परसादी, श्रीमती चम्पाबाई, अमित कुमार बैगा, शिवकुमारी, समली, सिरऊ राम, सजनू बैगा, श्रीमती लता धुर्वे, राजेन्द्र मेरावी, श्रीमती समारी, मुन्ना सिंह धु्रर्वे, जाम बाई, तुलसी राम, कांशीराम, शंकरलाल, फूलबाई, संतराम बैगा, शन्ती, हिरौन्दा, लक्ष्मी धुर्वे, शिकारी, विरेन्द्र कुमार, धनसिंह, सुकलू सिंह, सियाराम, मोतीराम, जगनी बैगा, संतोषी मेरावी, घुरवा राम धुर्वे, सुकल सिंह, चरनू सिंह, सुरेश कुमार मेरावी, कंवल राम छेदावी, मुकेश कुमार बैगा, कोदूराम धुर्वे, जयसिंह, बुधलाल, कृष्णा सिंह, मानसिंह, धनसिंह, राजाराम शामिल हैं।

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