पारस पत्थर के लिए बुजुर्ग की पीट-पीट कर हत्या, महिला सहित 10 आरोपी गिरफ्तार

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०० लोहे को सोना बना देने वाले पारस पत्थर पाने की लालच में आरोपियों ने दिया घटना को अंजाम 

जांजगीर-चांपा| जिले में पारस पत्थर के लिए बुजुर्ग की हत्या कर दी गई, आरोपियों को लगता था कि बुजुर्ग के पास ऐसा पत्थर है, जो किसी भी लोहे को छू दे तो वह सोना बन जाएगा इसलिए उसी पत्थर को पाने वे उसे पूजा पाठ कराने के बहाने अपने साथ जंगल ले गए थे फिर जंगल में ही उसे-पीट-पीट कर मार दिया। इसके बाद उसके शव को जंगल में ही दफना दिया था। इस मामले में पुलिस ने अब एक महिला समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

 

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जांजगीर थाना क्षेत्र के मुनुंद गांव निवासी बाबूलाल यादव(70) गांव में झाड़ फूंक का काम करता था। वो यहां अपने गांव में पत्नी रामवती यादव के साथ रहता था। बताया गया था कि वह 8 जुलाई से घर से निकला था। उसकी पत्नी ने बताया था कि कुछ लोग घर आए थे और पूजा पाठ के बहाने के घर से ले गए थे। मगर 2 दिन बाद तक वह लौटे ही नहीं थे। जिसके बाद उसकी पत्नी ने मामले की शिकायत 10 जुलाई को पुलिस से कर दी थी। मामले में शिकायत होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पहले इस बात का पता लगाया गया कि 8 तारीख को बाबूलाल के घर कौन आया था। जांच में पुलिस को कुछ नाम पता चले थे। इसी आधार पर पुलिस ने टेकचंद जायसवाल, राजेश हरवंश को हिरासत में लिया था पूछताछ में ही उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

उन्होंने बताया कि हमे पता चला था कि बाबूलाल के पास पारस पत्थर( एक ऐसा पत्थर जो किसी लोहे को छू दे तो वह सोना बन जाए) है। इसलिए हमने रामनाथ श्रीवास, मनबोधन यादव, छवी प्रकाश, यासिन खान, खिलेश्वर पटेल, तेजराम पटेल, अंजू पटेल, सतीश केसकर के साथ मिलकर योजना बनाई थी कि बाबूलाल से वह पत्थर ले लेंगे। इसी प्लान के तहत हम उसके घर गए थे। वहां से हम उसे पूजा पाठ करवाने का बहाना बनाकर अपने साथ कटरा के जंगल ले गए। यहां हमने उससे काफी पूछताछ की बता दे कि वह पत्थर कहां है। मगर उसने पत्थर होने से इनकार दिया था। आरोपियों ने बताया कि उसने जब काफी बार इनकार किया तो हम उसी रात उसके घर गए। इसके बाद हमने उसके घर में भी पत्थर काफी खोजा। लेकिन पत्थर नहीं मिला। यहां तक की घर में गई जगह गड्‌ढे भी कर दिए। फिर भी हमे पत्थर नहीं मिला। इसके बाद हम घर में रखे जेवर और 23 हजार कैश लेकर वहां से फिर सें जंगल की ओर आ गए थे।

 

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बताया गया कि जंगल में लौटने के बाद आरोपियों से फिर से पूछताछ की थी। लेकिन बाबू लाल उन्हें इनकार करता रहा। इसी बात पर ये सभी लोग नाराज हो गए और सभी ने मिलकर लात-घूंसों से उसे इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई थी। ये सब कुछ 8 जुलाई की रात को हुआ था। मारने के बाद सभी ने शव को जंगल में ही छिपा दिया।अगले दिन फिर से सभी जंगल गए और गड्‌ढा करके शव को दफना दिया गया था। अब पुलिस ने इनकी ही निशानदेही पर शव को निकाला है। मंगलवार को पूरे मामले का खुलासा किया किया है। पुलिस ने आरोपियों से 9 हजार कैश और जेवर बरामद कर लिए हैं। इसके अलावा एक पिस्टल भी जब्त किया गया है।

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