बस्तर में फिर लौटी भाजपा, छत्‍तीसगढ़ की बाकी सीटों पर गढ़ बरकरार, कोरबा में कांग्रेस ने दोबारा दर्ज की जीत

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रायपुर। भाजपा के चुनावी मुद्दों का असर इस बार आदिवासी क्षेत्र बस्तर में जबरदस्त पड़ा। विधानसभा चुनाव में ही भाजपा ने बस्तर क्षेत्र में सेंध लगा दी थी। विधानसभा चुनाव 2023 में यहां कुल 12 विधानसभा क्षेत्र में आठ सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। इसके पहले 2018 के विधानसभा चुनाव में विधानसभा की सभी सीटें कांग्रेस के पास थी।

बाद में बस्तर लोकसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस का कब्जा हो गया था। अब लोकसभा चुनाव के परिणाम में भाजपा ने बस्तर में फिर जीत दर्ज कर ली है। ऐसे में वनांचल पूरी तरह से भगवामय हो गया है। प्रदेश में चार लोकसभा क्षेत्र आदिवासियों(अनुसूचित जनजाति) के लिए आरक्षित है। इनमें प्रमुख रूप से सरगुजा, रायगढ़, बस्तर और कांकेर शामिल है। इन सीटों पर भाजपा की जीत हुई है। इसी तरह प्रदेश की एकमात्र दलित सीट(अनुसूचित जाति) जांजगीर-चांपा में भी भाजपा को जीत मिली है।

विधानसभा की तर्ज पर लोकसभा में भी सरगुजा का जनादेश

सरगुजा क्षेत्र की बात करें तो यहां विधानसभा की तर्ज पर लोकसभा में भी जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया है। यहां विधानसभा चुनाव के दौरान भी सभी 14 विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने जीत हासिल की थी। इसी तरह रायपुर-दुर्ग संभाग और बिलासपुर संभाग की सभी सीटों पर भाजपा का जबरदस्त प्रदर्शन रहा।

प्रदेश में कुल 11 लोकसभा सीटें तीन प्रमुख भागों में विभाजित हैं। इनमें पहला क्षेत्र दक्षिण छत्तीसगढ़ का है जहां बस्तर-कांकेर दो लोकसभा क्षेत्र आते हैं। इसी तरह उत्तर छत्तीसगढ़ में सरगुजा, कोरबा का क्षेत्र है। मध्य छत्तीसगढ़ में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, जांजगीर चापा, महासमुंद है।

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