रायपुर। राजधानी रायपुर में दिनदहाड़े बड़ी उठाईगिरी की घटना सामने आई है, जहां जमीन की रजिस्ट्री के सिलसिले में आए एक कारोबारी की गाड़ी से 38 लाख रुपए नकद चोरी हो गए। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। पीड़ित ने मामले की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद तत्काल जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चार संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित कारोबारी सोमवार को तहसील कार्यालय पहुंचा था। जमीन की खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री प्रक्रिया के लिए वह अपने साथ बड़ी रकम लेकर आया था। कारोबारी ने तहसील कार्यालय के सामने स्थित मल्टीलेवल पार्किंग के सेकेंड फ्लोर पर अपनी गाड़ी खड़ी की। इसके बाद वह संबंधित पार्टी के आने का इंतजार करते हुए कलक्ट्रेट परिसर की ओर चला गया।
कुछ समय बाद जब जमीन सौदे से जुड़ी पार्टी वहां पहुंची, तो कारोबारी नकदी लेने के लिए वापस पार्किंग में खड़ी अपनी गाड़ी के पास पहुंचा। गाड़ी खोलने पर उसे भीतर रखी रकम गायब मिली। अचानक इतनी बड़ी राशि चोरी होने से कारोबारी के होश उड़ गए। उसने तुरंत सिविल लाइन थाना पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई।
सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस हरकत में आई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई और पार्किंग परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामने आने पर पुलिस ने चार संदेहियों को हिरासत में लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी संदेहियों से गहन पूछताछ की जा रही है और मामले का खुलासा जल्द किया जाएगा। घटना के बाद पुलिस ने नागरिकों और कारोबारियों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर वाहन में बड़ी रकम या कीमती सामान छोड़ने से बचें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया है।
राजधानी में लगातार हो रही उठाईगिरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने निगरानी और गश्त बढ़ाने की बात कही है। यह घटना शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पार्किंग स्थलों पर सतर्कता को लेकर भी सवाल खड़े करती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है।
