गुमशुदा लाली केस में बड़ा खुलासा : डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया सेम्पल, नार्को टेस्ट की मंजूरी, जादू-टोने की आशंका

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मुंगेली : छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के कोसाबाड़ी गांव में रहस्यमयी तरीके से लापता हुई 7 वर्षीय बच्ची माहेष्वरी गोस्वामी उर्फ लाली की गुमशुदगी और हाल ही में मिले मानव कंकाल के अवशेषों के बीच गहरा संबंध जुड़ता हुआ नजर आ रहा है। पुलिस की जांच में अब तक मिले सुरागों से मामला नरबलि और तंत्र-मंत्र की आशंका की ओर बढ़ रहा है।

डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल सिम्स बिलासपुर भेजे गए

6 मई को लाली के घर से करीब 100 मीटर दूर श्मशान घाट के पास खेत की मेढ़ से मानव कंकाल के अवशेष बरामद हुए। शुरुआती जांच में 5 से 7 वर्ष की बच्ची के अवशेष होने की पुष्टि हुई है। डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल सिम्स बिलासपुर भेजे गए हैं, रिपोर्ट का इंतज़ार जारी है।

डीएनए रिपोर्ट से होगी पुष्टि

बोन रिपोर्ट के मुताबिक, अवशेष लगभग एक महीने पुराने हैं और सिर धड़ से अलग किया गया था। यही तथ्य लाली के साथ हिंसक कृत्य की आशंका को बल देते हैं। हालांकि पुलिस डीएनए रिपोर्ट के बाद ही पुष्टि करने की बात कह रही है।

जादू-टोना के चक्कर में बलि की दिशा में बढ़ी जांच

घटना की रात पूर्णिमा थी, जिससे पुलिस को शक है कि यह मामला तंत्र-मंत्र और नरबलि से जुड़ा हो सकता है। ग्रामीणों और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ में भी इसी एंगल को खंगाला जा रहा है।

परिजनों पर शक, कोर्ट से मिली नाकों टेस्ट की मंजूरी

पुलिस को प्रारंभ से ही लाली के परिजनों पर संदेह रहा है। अब कोर्ट से लाली की माँ, पिता और भाभी के नार्कों टेस्ट की अनुमति मिल चुकी है। पुलिस जल्द यह परीक्षण करवा सकती है, जिससे मामले की कड़ी खुलने की संभावना है।

एसपी भोजराम पटेल की अगुवाई में चल रही जांच

इस पूरे प्रकरण की लीड खुद पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल कर रहे हैं। उन्होंने टीमों को निर्देश दिया है कि जांच में निर्दोष व्यक्ति पर कार्रवाई न हो, और सभी पहलुओं को बारीकी से जांचा जाए।

नाकों टेस्ट के बाद ही निष्कर्ष पर पहुंचेंगे : एसपी

एसपी भोजराम पटेल का कहना है कि, हम किसी भी निर्दोष को आरोपी नहीं बनाएंगे। डीएनए और नार्कों टेस्ट की रिपोर्ट के बाद ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। उन्होंने कहा यह संवेदनशील और गंभीर मामला है जिसकी जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। यह मामला छत्तीसगढ़ में तंत्र-मंत्र से जुड़ी जघन्य घटनाओं की आशंका को फिर से सतह पर ला रहा है। पुलिस की सूक्ष्म जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य ही इस रहस्य से पर्दा उठा सकते हैं।

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