5 लाख के इनामी 4 नक्सली चढ़े हत्थे : 10 किलो का टिफिन बम और बीजीएल सेल व आईईडी बरामद

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बीजापुर : जिले  में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की ओर से  चलाए जा रहे  अभियान को एक बार फिर से बीजापुर जिले में अहम कामयाबी मिली. यहां सर्च ऑपरेशन में  चार इनामी माओवादी जंगल में जवानो को देखकर भागते  समय  पकड़े गए. इनमें तीन महिला माओवादी भी शामिल हैं. गिरफ्तारी के दौरान नक्सलियों के पास से  विस्फोटक सामग्री, बिजली के तार, कार्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, पावर सोर्स बैटरी, जमीन खोदने के औजार और नक्सल संगठन के  प्रचार-प्रसार का सामान भी जवानों ने बरामद किया है.

वहीं, दूसरी ओर बीजापुर जिले के ही गंगालूर थाना क्षेत्र के चेरपाल–पेद्दाकोरमा मार्ग पर 10 किलो का टिफिन बम और बीजीएल सेल आईईडी बरामद किया गया, जिसे बम डिस्पोजल टीम (बीडीएस) ने मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया.

बीजीएल सेल का नया प्रयोग

सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से टिफ़िन बम, कूकर बम जैसे आईईडी बम के प्रयोग का पैंतरा पुराना है, पर बीजापुर में बीजीएल सेल को बम के तौर पर इस्तेमाल कर माओवादियों ने जवानों को फिर से चौंका दिया है. दरअसल, माओवादियों के जरिए जंगलों में ही बीजीएल ( बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) और उसके सेल बनाये जा रहे हैं, पर यह हमले में विस्फोट नहीं हो रहे, जिससे अब माओवादी इनका उपयोग आईईडी की तरह करने की कोशिश में हैं.

पुलिस ने बताई ये कहानी

बीजापुर पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक  रविवार को पुतकेल-पोलमपल्ली क्षेत्र में  जवानों की ओर से सर्चिंग अभियान के दौरान पूरी कार्रवाई को जवानों ने अंजाम दिया.  गिरफ्तार नक्सलियों की संदिग्ध गतिविधियों को देखने के बाद घेराबंदी कर चार कथित माओवादियों को गिरफ्तार किया गया.

पकड़े गए आरोपियों की हुई पहचान

हेमला भारती उर्फ जोगी (प्लाटून नंबर 10 पार्टी सदस्य 2 लाख की इनामी.

जोगी मिडियम (PLGA (प्यूपिल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) सदस्य),  1 लाख इनाम.

देवा हेमला (पीएलजीए सदस्य),   1 लाख रुपये का इनाम

डोडी हीरे उर्फ शांति (जगरगुंडा-बासागुड़ा एलओएस सदस्य), 1 लाख का इनामी

सभी आरोपियों को भेजा गया जेल

गिरफ्तार नक्सलियों के खिलाफ थाना बासागुड़ा में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. चारों नक्सलियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया.

दबाव में आए माओवादी

अधिकारियों का कहना है कि लगातार हो रही संयुक्त कार्रवाइयों से माओवादी संगठन पर दबाव बढ़ा है. इसी वजह से कई सक्रिय सदस्य अब आत्मसमर्पण की राह भी अपना रहे हैं. सुरक्षाबलों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र में शांति और विकास की प्रक्रिया को गति मिल सके.

दरअसल, नक्सलियों के खिलाफ सर्चिग अभियान में  डीआरजी  (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) बीजापुर,  बासागुड़ा थाने के जवान, कोबरा 210 बटालियन और सीआरपीएफ  229 बटालियन के जवानों की संयुक्त टुकड़ी  पुतकेल-पोलमपल्ली के जंगलों में सर्चिग करने निकली थी.इसी दौरान ये सफलता मिली.

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