सुकमा : नए साल की शुरुआत में लाल आतंक को बड़ा झटका लगा है। शीर्ष नक्सली हिड़मा के करीबी और पीएलजीए कमांडर बारसे देवा ने शनिवार को तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। बारसे देवा पर 50 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बारसे देवा ने हैदराबाद में तेलंगाना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने सरेंडर किया। उसके आत्मसमर्पण की सूचना एक दिन पहले ही मिल गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर थीं।
बारसे देवा को नक्सली संगठन के भीतर एक अहम रणनीतिक चेहरा माना जाता था। हिड़मा के एनकाउंटर के बाद उसे पीएलजीए का कमांडर बनाया गया था। इसके बाद से वह संगठन की सैन्य गतिविधियों और हथियारों की सप्लाई में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
देवा नक्सलियों की सबसे खतरनाक मानी जाने वाली बटालियन नंबर-1 का कमांडर था। दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में इस बटालियन का खासा प्रभाव रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उसके सरेंडर से नक्सल नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचेगा।
