बांगों बांध हत्याकांड : 5 साल बाद आया फैसला, जीजा को उम्रकैद, पिता को 3 साल की मिली सजा

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सूरजपुर : जिले के चर्चित बांगों बांध हत्याकांड में करीब पांच साल बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. वहीं साक्ष्य छिपाने में सहयोग करने वाले आरोपी के पिता को भी तीन वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया है. मामला सितंबर 2021 का है, जब प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बांगों बांध के डुबान क्षेत्र छोटे छुरी में एक युवक का शव बरामद हुआ था.

शव के गले में बंधी थी रस्सी

शव पानी में डूबा मिला था और उसके गले में रस्सी बंधी हुई थी. प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने शव की पहचान रामानुजनगर थाना क्षेत्र के हनुमानगढ़ निवासी सुरेन्द्र यादव (22 वर्ष) के रूप में की. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना से पहले सुरेन्द्र अपने जीजा सुखसाय उर्फ गंवटिया बरगाह के साथ मध्य प्रदेश के विध्यांचल गया था. पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सुखसाय को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने हत्या की वारदात कबूल कर ली.

मामूली कहासुनी को लेकर रची हत्या की साजिश

जांच में सामने आया कि पारिवारिक विवाद के दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई थी. इसी दौरान आरोपी ने लकड़ी की पराठी से सुरेन्द्र के सिर पर हमला किया और बाद में रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. वारदात के बाद आरोपी ने अपने पिता महावीर बरगाह की मदद से शव को बोरे में भरकर छोटे छुरी बांध के डुबान क्षेत्र में फेंक दिया, ताकि अपराध के साक्ष्य मिटाए जा सकें.

कोर्ट ने आजीवन कारावास की सुनाई सजा

मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश सूरजपुर की अदालत में हुई. न्यायालय ने सुखसाय उर्फ गंवटिया को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास और महावीर बरगाह को साक्ष्य छिपाने के अपराध में तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.

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