श्रमिक परिवारों के पांच बच्चों ने रचा सफलता का नया अध्याय, अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में मेरिट के आधार पर हुआ चयन

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गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा के साथ बच्चों को मिलेगा बेहतर भविष्य का अवसर

कलेक्टर ने बच्चों से आत्मीय संवाद कर दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं

रायपुर : अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना” मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को बड़े और प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक की गुणवत्तापूर्ण व निःशुल्क शिक्षा देने के लिए चलाई जा रही एक महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के तहत सुकमा जिले के पांच प्रतिभावान बच्चों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से जिले का नाम रोशन किया है। वर्ष 2025-26 के लिए इन बच्चों का अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत मेरिट के आधार पर चयन हुआ है। चयन के बाद बच्चों ने कलेक्टर सुकमा श्री अमित कुमार से मुलाकात की। कलेक्टर ने बच्चों से आत्मीय बातचीत की और उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को निरंतर मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से शिक्षा को मिल रहा संबल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।

श्रमिक परिवारों के बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक उच्चस्तरीय निजी शिक्षण संस्थानों में निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान की जाती है। शिक्षा, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ मिलने से श्रमिक परिवारों के बच्चों को आर्थिक बाधाओं की चिंता किए बिना अपनी पढ़ाई जारी रखने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलता है।

सुकमा के इन पांच बच्चों ने हासिल की उपलब्धि

योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों में ग्राम बुडदी, तहसील सुकमा की कु. करुणा बघेल, गांधी नगर सुकमा के सिद्धार्थ दास, ग्राम हमीरगढ़ के प्रमोद नाग, गांधी नगर सुकमा के अमन दास तथा ग्राम पाकेला की कु. सुष्मिता यादव शामिल हैं। इन विद्यार्थियों को संस्कार द गुरुकुल स्कूल, बस्तर तथा हम अकादमी, जगदलपुर में अध्ययन का अवसर मिलेगा। पांचों बच्चों की यह सफलता सुकमा जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

पूरी शिक्षा का खर्च श्रम विभाग उठाएगा

चयनित विद्यार्थियों की शिक्षा से संबंधित संपूर्ण व्यय छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, श्रम विभाग, सुकमा द्वारा वहन किया जाएगा। इससे बच्चों के परिवारों पर शिक्षा का आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। इस अवसर पर जिला श्रम अधिकारी श्रीमती सुनीता जोशी, सहायक श्रम पदाधिकारी श्री सत्यानंद नाग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मेहनत से सपनों की ओर बढ़े कदम

सुकमा के इन पांच बच्चों की सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा को सही अवसर और मार्गदर्शन मिले तो आर्थिक परिस्थितियां सफलता की राह में बाधा नहीं बनतीं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शिक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ऐसे बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना इन बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रही है।

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