किचन के खर्च से लेकर बच्चों की खुशियों तक, महतारी वंदन बनी राजेश्वरी का मजबूत सहारा

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रायपुर : सुकमा जिले के तेलगापारा की रहने वाली राजेश्वरी मांझी के लिए महतारी वंदन योजना केवल एक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मान से जीने का नया आधार बन गई है। योजना के तहत खाते में पहुंची 1000 रुपए की राशि ने उनके परिवार की रोजमर्रा की राह आसान कर दी है। घर के लिए ताजी सब्जियां, राशन, साबुन-तेल और बच्चों के पोषण से जुड़ी जरूरी चीजों के लिए अब उन्हें किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ता। हर महीने मिलने वाली यह नियमित राशि राजेश्वरी को अपने घर की आर्थिक व्यवस्था में एक मजबूत और सक्रिय भागीदार बना रही है।

राजेश्वरी बेहद गर्व और संतोष के साथ बताती हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में प्रदेश की बहनों के हुनर, मेहनत और मान-सम्मान को सही पहचान मिल रही है। वे कहती हैं, “विष्णु भैया के इस साथ ने हम बहनों के भीतर यह भरोसा जगाया है कि हम भी अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार की मजबूत रीढ़ बन सकती हैं।” छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता खत्म होने से उनके भीतर निर्णय लेने का साहस बढ़ा है, जिससे परिवार और समाज में उनकी गरिमा और भी सशक्त हुई है।

महतारी वंदन योजना बस्तर के वनांचल से लेकर पूरे प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की एक मूक क्रांति लिख रही है। विशेषकर स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण परिवेश से जुड़ी महिलाएं इस संबल के सहारे अपनी मेहनत को नई दिशा दे रही हैं। सुनीता राव का यह अनुभव इसी सकारात्मक बदलाव का जीवंत प्रमाण है, जहां शासन की यह पहल महिलाओं की घरेलू जिम्मेदारियों को सहारा देने के साथ-साथ श्बहनों का मान, विष्णु भैया का सम्मानश् के संकल्प को धरातल पर साकार कर रही है।

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