रायपुर : नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने सदन में एसटीपी का मुद्दा का मुद्दा उठाया. उन्होंने डिप्टी सीएम अरूण साव से प्रदेश में संचालित एसटीपी पर सवाल पूछा. इस पर विभागीय मंत्री अरुण साव ने जवाब देते हुए बताया कि आंकड़े में अंतर का विस्तृत विवरण दिया गया है. 96 एसटीपी निर्माण की प्रक्रिया चल रही है, काम चल रहा है.101 नगरीय निकायों के लिए पुख्ता योजना तैयार की जा रही है. चरणदास मंहत ने पिछले सत्रों में लगाए गए सवालों का जिक्र किया.
डॉ चरणदास महंत ने कहा सभी जवाबों में प्रक्रियाधीन है. विभागीय मंत्री बोले – जो काम शुरू नहीं है उसको रोका गया है. महंत बोले – जानकारी सुधार करने की आवश्यकता है, आप सच्चाई स्वीकार रहे हैं. गुमराह करने वाली अधिकारियों पर किस प्रकार सजा का प्रावधान है? विभागीय मंत्री बोले – जरूरत के अनुसार काम स्वीकृत किया गया.
सीएसआर मद के खर्च को लेकर सदन में पूछे गए सवाल
कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने प्रश्नकाल में जांजगीर चांपा जिले में सीएसआर मद के खर्च को लेकर सवाल पूछा. उन्होंने कहा कि कलेक्टर द्वारा मनमाने तरीके से कार्य बांट दिया जाता है, कई काम अब तक शुरू ही नहीं हुए, कई गांव का सूची में नाम ही नहीं है लेकिन सभी में काम बांट दिया गया है. क्या इसकी जांच होगी? शहर में ग्राम पंचायत बनाकर काम कैसे बांट दिया गया?
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा – सीएसआर मद की कोई कमिटी नहीं बनी है, उद्योग खुद भी काम दे सकते हैं और कलेक्टर की अनुसंशा अनुरूप भी काम दिया जाता है, ग्राम पंचायत को भी काम दिया जा सकता है. क्षेत्र की विकास स्थिति को देख कर काम दिया जाता है. आपके दो प्रस्ताव कलेक्टर के जरिये हमारे पास आये हैं.
ब्यास कश्यप दोनों प्रस्तावों की मंजूरी की घोषणा की मांग मंत्री देवांगन से की. इस पर मंत्री देवांगन ने कहा कि वो घोषणा कर निर्देश नहीं दे सकते, कलेक्टर के साथ बैठकर काम करवा लीजिए.
भूपेश बघेल ने मंत्री लखन लाल देवांगन के घोषणा और निर्देश नहीं दे सकने वाली बात पर कहा- आप कह रहें कि कलेक्टर को निर्देश और आदेश नहीं दे सकते, कलेक्टर के पास जाकर हमसब काम कराएं तो क्यों मंत्री बनकर बैठे हैं? कलेक्टर पर कंट्रोल नहीं है मंत्री का
