पूर्व विधायक के भाई व पंचायत सचिव की हत्या का खुलासा, 1 करोड़ की सुपारी, तीन आरोपी गिरफ्तार

Featured Latest छत्तीसगढ़ जुर्म

रायगढ़ : जिले में गुमशुदा पंचायत सचिव व पूर्व विधायक के भाई जयपाल सिदार की कहानी ने अब एक दिल दहला देने वाला मोड़ ले लिया है। पुलिस ने मामले का बड़ा खुलासा करते हुए इसे एक सुनियोजित हत्या करार दिया है। जयपाल सिदार की हत्या 7 जुलाई को की गई थी और अब इस वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड  शिव साहू, पहले से ही हत्या के एक अन्य केस में जेल में बंद है।

जयपाल सिदार 7 जुलाई को अपनी कार से घर से निकले थे। बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद वे लापता हो गए। परिवार की शिकायत पर लैलूंगा थाने में गुम इंसान का केस दर्ज किया गया। मामला जैसे-जैसे आगे बढ़ा, पुलिस को कुछ संदिग्ध सुराग मिले – और फिर शुरू हुई साइबर सेल व धरमजयगढ़ पुलिस की संयुक्त जांच।

जांच में सामने आया कि जयपाल की हत्या की पूरी साजिश जून में ही रची गई थी। हत्या का ठेका दिया था रायगढ़ के फुटहामुड़ा निवासी शिव साहू ने, जो कि पहले से हत्या के मामले में जेल में बंद है। जेल से पैरोल पर आने के दौरान शिव ने जयपाल से पुरानी रंजिश के चलते ₹1 करोड़ की सुपारी दी थी।

7 जुलाई को शुभम गुप्ता, कमलेश यादव और मदन गोपाल सिदार ने जयपाल को कोतबा चलने के बहाने बुलाया और चलती कार में गमछे से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को सिसरिंगा घाटी में फेंका गया। मोबाइल को मैनपाट जंगल में और कार को नंबर प्लेट हटाकर सड़क किनारे छोड़ा गया। सबूत मिटाने के लिए हत्या में प्रयुक्त गमछा भी जला दिया गया।

पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच ने इस गुत्थी को सुलझा दिया। आरोपियों को पकड़कर जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो पूरी साजिश का खुलासा हो गया। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के नेतृत्व में यह खुलासा किया गया।धरमजयगढ़ पुलिस, लैलूंगा थाने और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने इस केस को ट्रैक किया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

लोगों को शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *