बिलासपुर. बार में पार्टी के बाद देर रात सीढ़ी से गिरकर हुई गौरांग बोबड़े की मौत के मामले में पुलिस कोर्ट में सबूत नहीं पेश कर पाई, इसके चलते कोर्ट ने चारों आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया है. इसके साथ ही अब लगभग 10 साल पुराने इस मामले का पटाक्षेप हो गया है.
21 जनवरी 2016 को पुराना बस स्टैण्ड के पास रहने वाले बिल्डर श्रीरंग बोबड़े का बेटा गौरांग बोबड़े अपने दोस्त शुभम विहार निवासी किंशुक अग्रवाल, इंदू चौक सहगल गली निवासी अंकित मल्होत्रा व करण जायसवाल, करण खुशलानी के साथ मैग्नेटो मॉल के टीडीएस बार में पार्टी कर रहा था. रात पौने 3 बजे सभी बार से नीचे जाने के लिए सर्विस लिफ्ट की तरफ जा रहे थे.
लिफ्टमैन ने उन्हें लिफ्ट से नीचे जाने की सलाह दी, किन्तु सभी सीढ़ी से नीचे उतरने लगे. इसी दौरान गौरांग 30 फीट उंचाई से नीचे बेसमेट में गिर गया. सभी दोस्त उसे उठाकर इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए. जहां डाक्टर ने परिक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था. दूसरे दिन पुलिस मॉल पहुंचकर जांच में जुट गई.
सिविल लाइन पुलिस ने मामले में 304 भाग 2 के तहत अपराध कायम कर आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान कोर्ट में पेश किया. बाद में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले में हत्या की धारा 302 जोड़कर सुनवाई शुरू की गई. 9 साल तक मामला कोर्ट में चलता रहा. 15 जनवरी को नवम अपर सत्र न्यायाधीश अगम कुमार कश्यप ने दोनों पक्षों की गवाही के बाद पाया कि पुलिस हत्या के कारणों व साक्ष्य सबूत पेश नहीं कर पाई है. इसके आधार पर चारों आरोपियों को बरी कर करने आदेश दिया गया है.
