बिलासपुर : महिला संबंधी अपराधों पर सख्त रुख अपनाते हुए सरकंडा पुलिस ने एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामले में मंगलवार को त्वरित कार्रवाई की. पुलिस ने शादी का झांसा देकर महिला के साथ वर्षों तक शारीरिक शोषण और जबरन गर्भपात कराने के आरोपी राजीव शर्मा को रिपोर्ट के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया.
दरअसल, पीड़िता ने 12 जनवरी 2026 को थाना सरकंडा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी शादी वर्ष 2003 में हुई थी और उसके दो बच्चे हैं. कुछ समय पहले उसका पति घर से लापता हो गया था, जिसकी तलाश वह कर रही थी. इसी दौरान उसकी पहचान राजीव शर्मा से हुई, जिसने पति को ढूंढने में मदद का भरोसा देकर उससे संपर्क बढ़ाया.
शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म
पीड़िता के अनुसार आरोपी ने उसकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए शादी कर पत्नी बनाकर रखने का वादा किया. फिर वर्ष 2022 में उसे अपने घर राजकिशोर नगर ले जाकर डराकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए. इसके बाद शादी की बात करने पर आरोपी महिला और उसके बच्चों को जान से मरवाने की धमकी देने लगा.
जबरन गर्भपात और धमकियों का सिलसिला
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराया. बाद में एक बच्ची के जन्म के बाद भी आरोपी लगातार अपहरण और हत्या की धमकियां देता रहा, जिससे वह लंबे समय तक डर के साए में जीती रही.
हिंदू संगठन से जुड़ा होने का दावा
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी कथित तौर पर एक हिंदू संगठन का नेता बताया जा रहा है, जो समाज में खुद को हिंदुत्व और नैतिकता का उपदेशक बताता था. ऐसे व्यक्ति पर इस तरह के गंभीर आरोप लगना समाज के लिए बड़ा सवाल खड़ा करता है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुज कुमार और सीएसपी निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपी राजीव शर्मा (42 वर्ष), निवासी राजकिशोर नगर, सरकंडा को 13 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल, पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
