जेएनएम मेडिकल कॉलेज की बड़ी उपलब्धि : डीएम-कार्डियोलॉजी की दो पीजी सीटों को एनएमसी की मंजूरी

Featured Latest आसपास छत्तीसगढ़ प्रदेश

यह राज्य में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

रायपुर : राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर को बड़ी उपलब्धि देते हुए डीएम-कार्डियोलॉजी (सुपर स्पेशियलिटी) की दो स्नातकोत्तर सीटों को अनुमति प्रदान की है। यह अनुमति पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति हेल्थ साइंसेज एवं आयुष विश्वविद्यालय के अंतर्गत मेडिकल कॉलेज द्वारा प्रस्तुत आवेदन के आधार पर दी गई है।

एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने विशेषज्ञों के समूह और समीक्षा समिति के साथ कॉलेज द्वारा प्रस्तुत स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट (SAF) तथा मूल्यांकनकर्ताओं की रिपोर्ट का परीक्षण किया। समीक्षा के बाद एनएमसी अधिनियम 2019 के प्रावधानों, 2 जून 2023 को जारी Establishment, Assessment and Rating Regulations-2023 तथा 23 अगस्त 2024 को अपलोड किए गए PG-MSR 2023 के न्यूनतम मानकों के आधार पर शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए डीएम-कार्डियोलॉजी में दो सीटों को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया।

पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय को डीएम-कार्डियोलॉजी जैसे सुपर स्पेशियलिटी कोर्स की दो सीटों की स्वीकृति मिलने से प्रदेश में हृदय रोग विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाने और उन्नत हृदय उपचार सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे प्रदेश के मरीजों को बेहतर और विशेषज्ञ हृदय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी, साथ ही सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा शिक्षा और शोध को भी बढ़ावा मिलेगा।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस उपलब्धि पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, चिकित्सकों और समस्त स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह स्वीकृति राज्य में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस उपलब्धि से न केवल मेडिकल शिक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रदेश में हृदय रोग के उपचार के लिए आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं भी और सशक्त होंगी।

लोगों को शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *