नारायणपुर : जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है. आईटीबीपी, डीआरजी और जिला पुलिस की संयुक्त टीमों ने दो अलग-अलग कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियारों से जुड़ा सामान बरामद किया है.
माना जा रहा है कि नक्सली इन सामग्रियों का इस्तेमाल सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए करने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही जवानों ने समय रहते बड़ी साजिश नाकाम कर दी.
ओरछा-रायनार-धनोरा जंगल में सर्चिंग
पहली कार्रवाई नारायणपुर के ओरछा क्षेत्र में की गई. जानकारी के अनुसार आईटीबीपी की 29वीं वाहिनी और नारायणपुर पुलिस ने ओरछा, रायनार और धनोरा के जंगलों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया. इस दौरान भटबेड़ा और आसनर के पास से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया.
ये सामग्री हुई बरामद
7 बैटरी
मोटोरोला सेट
मल्टीमीटर
सर्किट बोर्ड
सुतली बम
बिजली के तार
इन सामानों को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि नक्सलियों ने इलाके में विस्फोटक वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रखी थी.
आदिंगपार-कुमेरादी जंगल से 82 BGL सेल बरामद
दूसरी बड़ी कार्रवाई आदिंगपार और कुमेरादी के जंगलों में सामने आई. यहां आईटीबीपी की 53वीं वाहिनी और डीआरजी की संयुक्त टीम ने सर्चिंग के दौरान एक बड़े जखीरे का पता लगाया. जवानों ने जंगल में छिपाए गए 82 नग बीजीएल सेल बरामद किए. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, बीजीएल सेल का इस्तेमाल बड़े हमलों में किया जा सकता है, जिससे यह बरामदगी बेहद गंभीर मानी जा रही है.
सुरक्षा बलों पर हमले की थी तैयारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद विस्फोटक सामग्री और उपकरणों का मकसद साफ था—सुरक्षाबलों को निशाना बनाना. जंगलों में पहले से घात लगाकर हमला करने या रास्तों में विस्फोट करने की योजना बनाई जा रही थी, लेकिन सर्च ऑपरेशन की सतर्क कार्रवाई ने नक्सलियों की योजना पर पानी फेर दिया.
कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. नारायणपुर के जंगलों में सघन सर्चिंग अभियान लगातार जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं और भी विस्फोटक सामग्री, हथियार या नक्सली ठिकाने मौजूद न हों. सुरक्षा एजेंसियां हर एंगल से जांच कर रही हैं और संभावित नक्सली मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है.
