रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना लक्ष्य पात्र शहरी और ग्रामीण गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। इस योजना के दो मुख्य घटक हैं पीएमएवाई-शहरी जिनके तहत बुनियादी सुविधाओं (पानी, बिजली, शौचालय) से लैस घर प्रदान किए जाते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 ने जरूरतमंद परिवारों के जीवन में खुशियों की नई किरण जगाई है। इसका जीवंत उदाहरण राजनांदगांव नगर पालिक निगम के वार्ड क्रमांक-3 मोतीपुर में निवासरत श्रीमती मधु वर्मा हैं, जिनका वर्षों पुराना पक्का घर का सपना अब साकार हो गया है।
पति के निधन के बाद परिवार की संपूर्ण जिम्मेदारी श्रीमती मधु वर्मा के कंधों पर आ गई थी। दो बेटियों के पालन-पोषण हेतु वे एक निजी स्कूल में रसोईया के रूप में कार्य कर परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। किराए के मकान में रहते हुए आर्थिक तंगी और असुरक्षा की भावना उनके जीवन का हिस्सा बन चुकी थी। स्कूल में छुट्टियों के दौरान आय कम होने से समय पर किराया चुकाने की चिंता हमेशा बनी रहती थी। श्रीमती मधु वर्मा बताती हैं कि उन्हें अक्सर यह भय सताता था कि कहीं किराया समय पर न दे पाने की स्थिति में मकान मालिक मकान खाली करने के लिए न कह दिया जाए। ऐसे हालात में अपने पक्के घर का सपना केवल कल्पना तक ही सीमित था।
इसी दौरान उनकी बड़ी बेटी सुजाता को एक निजी कंपनी में रिसेप्शनिस्ट के रूप में रोजगार मिला। मां-बेटी ने मिलकर थोड़ी-थोड़ी बचत की और अंततः एक छोटा सा भूखंड खरीदा। इसके बाद श्रीमती मधु वर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत आवेदन किया। कुछ ही दिनों में उनके आवास निर्माण की स्वीकृति मिल गई। स्वीकृति मिलने के पश्चात पूरे परिवार ने उत्साह और उमंग के साथ अपने सपनों के घर का निर्माण प्रारंभ किया। इंजीनियर के कुशल मार्गदर्शन में शीघ्र ही एक सुंदर, आकर्षक एवं सर्वसुविधायुक्त पक्के मकान का निर्माण पूर्ण हुआ।
आज श्रीमती मधु वर्मा टाइल्स से सजे अपने पक्के घर में रहते हुए गर्व और संतोष का अनुभव कर रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने न केवल उन्हें घर दिया, बल्कि उनके जीवन में आत्मविश्वास और नई उम्मीद भी जगाई है। अपने सपनों का घर मिलने पर श्रीमती मधु वर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।
