विधानसभा में गूंजा सीएम ग्राम सड़क योजना का मुद्दा, विधायक किरण देव ने बिना सर्वे टेंडर जारी करने पर जताई आपत्ति

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रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली सड़कों को लेकर सवाल उठे. विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विधायक किरण देव ने बस्तर क्षेत्र में प्रस्तावित एलेंगनार-उरकापाल-कांदानार सड़क निर्माण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिना सही सर्वे के टेंडर जारी कर दिए गए हैं, जिससे निर्माण कार्य में बाधाएं आ रही हैं.

विधायक किरण देव ने सदन में कहा कि यह सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन योजना के क्रियान्वयन में गंभीर खामियां सामने आ रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के लिए पहले विस्तृत सर्वे किया जाना चाहिए था, लेकिन बिना पर्याप्त सर्वेक्षण के ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी गई. इससे काम शुरू होने के बाद कई तरह की तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं सामने आ रही हैं. 18 किलोमीटर की सड़क 31 जनवरी 2023 को टेंडर हुआ. तीन वर्षों में कितना काम किया गया, कितनी राशि भुगतान हुआ?

इस सवाल का जवाब में मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 18 किमी सड़क नक्सलवाद होने की वजह से सर्वे नहीं हुआ. तीन वर्षों में अर्थ वर्क का काम हुआ. 4 करोड़ का भुगतान हुआ है. 8 करोड़ की राशि योजना में है. डीएमएफ की राशि भी है. एक वर्ष में कार्य पूरा करने कोशिश करेंगे.

किरणदेव ने कहा  ने कहा कि 2 टेंडर में इस योजना को अब विभाजित किया जा रहा है. 18 किमी में केवल मिट्टी मुरूम डालने और पुलिया निर्माण का काम ही हुआ है. बारिश में मुरूम मिट्टी धूल गए हैं. किरणदेव ने पूछा कि टेंडर की प्रक्रिया किस स्थिति में है, कब शुरू होगा काम और कितने समय में यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा? टीम गठित किया जाए, ताकि मॉनिटरिंग हो, यहां गलत जानकारी आ रही?

मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि लंबे समय से सड़क निर्माण कार्य रुका है. सरकार की मंशा है जल्द काम पूरा होगा. घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र है, वन क्षेत्र की वजह से परिस्थितियां अलग है. 20 दिन के भीतर अधिकारी स्थल का अवलोकन करेंगे. इसके बाद एक्शन लिया जाएगा.

विधानसभा में गूंजा सरगुजा स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती प्रक्रिया का मुद्दा

इसके बाद विधायक प्रबोध मिंज ने सरगुजा जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती प्रक्रिया का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि जो भर्तियां हो रही वह शहरी क्षेत्रों में होती है. ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं जाना चाहते हैं. क्या केंद्रीय स्तर पर भर्ती प्रकिया करेंगे. जितने पद की स्वीकृति है कार्यरत बता रहे वह खाली है? रिक्त पद की संख्या अधिक है.

इस सवाल का जवाब में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि आपके क्षेत्र में पदों की संख्या कम है, लेकिन उतनी भी कम नहीं… 75 से 80% पद भरे हैं. अनावश्यक रूप से संलग्नीकरण हुए होंगे तो हटाया जाएगा. मैं सदन से सारे संलग्नीकरण को निरस्त करने की घोषणा करता हूं.

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