रायपुर : प्रधानमंत्री पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव ला रही है। यह योजना जहां एक ओर लोगों को बढ़ते बिजली खर्च से राहत दे रही है, वहीं दूसरी ओर स्वच्छ, सस्ती और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हरित और आत्मनिर्भर ऊर्जा के विजन के अनुरूप यह योजना तेजी से जमीन पर असर दिखा रही है, और कोंडागांव जिला प्रधानमंत्री पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सौर उर्जा के निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रणी है।
कोण्डागांव नगर के गांधी वार्ड की निवासी श्रीमती त्रिवेणी देवांगन और उनका परिवार इस बदलाव का जीवंत उदाहरण हैं। श्रीमती त्रिवेणी देवांगन के पति श्री ज्ञानेश देवांगन को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी विद्युत विभाग के माध्यम से प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि विकास नगर स्थित सामुदायिक भवन में योजना को लेकर आयोजित एक कार्यशाला में उन्होंने भाग लिया था। इस कार्यशाला में अधिकारियों द्वारा सोलर रूफ टॉप प्लांट की प्रक्रिया, विभिन्न किलोवाट क्षमता, सब्सिडी की व्यवस्था और ग्रिड से जुड़ाव की पूरी जानकारी सरल शब्दों में दी गई। सभी पहलुओं को समझने के बाद उन्होंने योजना का लाभ लेने का निर्णय किया।
कार्यशाला के दौरान मिली जानकारी के आधार पर श्री ज्ञानेश देवांगन ने अपने घर के लिए 3 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र का चयन किया। योजना के तहत दिसंबर 2025 में उनके घर की छत पर रूफ टॉप सोलर प्लांट स्थापित किया गया। उन्होंने बताया कि सोलर प्लांट लगने से पहले उनके घर की प्रतिदिन की बिजली खपत लगभग 12 यूनिट थी, जिसके कारण हर महीने करीब तीन हजार रुपये तक का बिजली बिल आ जाता था। यह खर्च परिवार के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बन रहा था।
रूफ टॉप सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब सौर ऊर्जा से घर की जरूरतें पूरी हो रही हैं और बिजली बिल में बड़ी राहत मिली है। श्री ज्ञानेश देवांगन बताते हैं कि सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली का पूरा उपयोग घर में नहीं हो पाता, इसलिए बची हुई बिजली को ग्रिड के माध्यम से विद्युत विभाग को भेज दिया जाता है, जिससे अतिरिक्त आय का लाभ भी मिल रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदत्त 78 हजार रुपये की सब्सिडी मात्र 15 दिनों के भीतर उनके खाते में प्राप्त हो गई, जबकि राज्य सरकार की सब्सिडी अभी प्रक्रियाधीन है। इस त्वरित सहायता से योजना के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का विजन है कि छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाए और हर घर तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित हो। राज्य सरकार द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने, आम नागरिकों को जागरूक करने और योजनाओं का लाभ सरलता से उपलब्ध कराने के प्रयास इसी दिशा में किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना मुख्यमंत्री के इसी विजन को साकार करने में एक मजबूत कड़ी बन रही है।
