रायपुर : राजधानी रायपुर में वस्तु एवं सेवा कर खुफिया महानिदेशालय (DGGI) ने एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिए सरकारी खजाने को चूना लगा रहा था.
जांच में सामने आया है कि मेसर्स सृष्टि कंस्ट्रक्शन नामक फर्म के जरिए करीब 27.80 करोड़ का फर्जी लेन-देन किया गया. इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड रोहन तन्ना बताया जा रहा है. DGGI के अनुसार आरोपितों ने बिना किसी वास्तविक माल की आपूर्ति के केवल कागजी खानापूर्ति कर फर्जी बिल जारी किए.
इस जालसाजी के जरिए 17.18 करोड़ का अवैध आइटीसी लाभ खुद प्राप्त किया गया और 10.62 करोड़ की राशि अन्य फर्मों को पास कर दी गई. यह कृत्य सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 132 के तहत एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है.
मास्टरमाइंड निकला रोहन तन्ना
बता दें कि रोहन तन्ना का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. वह वर्ष 2021 में भी सात करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी मामले में गिरफ्तार हो चुका था. वह वर्तमान में जमानत पर बाहर था. हालिया जांच के अनुसार, सृष्टि कंस्ट्रक्शन के माध्यम से ₹17.18 करोड़ का अवैध लाभ लिया गया और ₹10.62 करोड़ की फर्जी आईटीसी अन्य फर्मों को पास की गई.
बड़े एक्शन की तैयारी
यह पूरा कृत्य सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 16 का स्पष्ट उल्लंघन है. चूंकि फर्जीवाड़ा करोड़ों में है, इसलिए धारा 132 के तहत इसे संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है. DGGI के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और इस सिंडिकेट से जुड़ी अन्य फर्मों और व्यक्तियों की भूमिका की भी सघनता से पड़ताल की जा रही है.
