पठारीडीह हत्याकांड के तीन आरोपी गिरफ्तार, हत्या के मामले में फरार चल रहे थे तीनो आरोपी

Featured Latest छत्तीसगढ़ जुर्म

रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र के ग्राम पठारीडीह में हुए हत्या के मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों ने पुलिस के लगातार बढ़ते दबाव के बाद आत्मसमर्पण कर दिया। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट के साथ उरला, खमतराई, धरसींवा और सिलतरा पुलिस की संयुक्त टीम लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी। संभावित ठिकानों पर घेराबंदी और लगातार पतासाजी के बाद तीनों आरोपी पुलिस के सामने पहुंचे, जिसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, धरसींवा थाना क्षेत्र में अज्ञात मृतक के संबंध में मर्ग जांच के दौरान मृतक की पहचान मोहन निषाद, पिता स्वर्गीय रामप्रसाद निषाद के रूप में हुई थी। जांच के दौरान घटनास्थल और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मामला हत्या का सामने आया। इसके बाद पुलिस ने घटना की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच में सामने आया कि मृतक मोहन निषाद और उसके दामाद हेमराज निषाद उर्फ भूरी के बीच पारिवारिक विवाद को लेकर आए दिन झगड़ा होता था। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के चलते हेमराज निषाद उर्फ भूरी ने अपने साथियों रोहित निषाद और संजय चौहान उर्फ मोरध्वज के साथ मिलकर मोहन निषाद की हत्या की साजिश रची।

आरोप है कि योजना के तहत तीनों आरोपी मृतक के घर पहुंचे और मौका पाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने और शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से शव को जीआई तार से बांधा गया तथा चादर में लपेटकर टाटा मैजिक वाहन में रखा गया। इसके बाद शव को किसी अन्य स्थान पर ले जाने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, ग्राम परसतराई, थाना धरसींवा के पास पुलिस टीम को देखकर आरोपी टाटा मैजिक वाहन छोड़कर फरार हो गए।

वाहन की तलाशी लेने पर उसमें मोहन निषाद का शव बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने मर्ग जांच के साथ हत्या की पूरी घटना की जांच आगे बढ़ाई। मृतक के ग्राम पठारीडीह स्थित घर का निरीक्षण करने पर पुलिस को कई महत्वपूर्ण परिस्थितिजन्य साक्ष्य मिले। चूंकि घटना का मूल घटनास्थल उरला थाना क्षेत्र में था, इसलिए थाना उरला में अपराध क्रमांक 442/2026 दर्ज किया गया। मामले में धारा 103(1), 238 और 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कमिश्नरेट रायपुर की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा उरला, खमतराई, धरसींवा और सिलतरा थाने की संयुक्त टीम बनाई गई थी। टीम द्वारा लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी। पुलिस की कार्रवाई और घेराबंदी के कारण आरोपियों पर दबाव बढ़ता गया। अंततः तीनों आरोपियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। गिरफ्तार आरोपियों में हेमराज निषाद उर्फ भूरी, उम्र 30 वर्ष, निवासी रावांभाठा केंवट पारा वार्ड नंबर 14, थाना खमतराई; रोहित निषाद, उम्र 19 वर्ष, निवासी निषादपारा रावांभाठा; और संजय चौहान उर्फ मोरध्वज, उम्र 31 वर्ष, निवासी रावांभाठा पुरानी बस्ती शामिल हैं।

विवेचना के दौरान आरोपी रोहित निषाद की निशानदेही पर मृतक का एक्टिवा वाहन और घटना में प्रयुक्त गमछा भी बरामद किया गया है। वहीं घटना में इस्तेमाल टाटा मैजिक वाहन को धरसींवा पुलिस पहले ही जब्त कर चुकी है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी हेमराज निषाद उर्फ भूरी के खिलाफ पूर्व में खमतराई थाने में धारा 170 बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी है। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। हत्या के पीछे की पूरी परिस्थितियों, आरोपियों की भूमिका और अन्य संभावित पहलुओं को लेकर विवेचना जारी है।

लोगों को शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *