बीजापुर ने रचा इतिहास : तेंदूपत्ता नीलामी में मिला वर्षों का सर्वाधिक मूल्य, गुणवत्तापूर्ण संग्रहण और बेहतर प्रबंधन का मिला पुरस्कार

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रायपुर : छत्तीसगढ के बीजापुर वनमंडल एवं जिला यूनियन ने वर्ष 2026 की तेंदूपत्ता नीलामी में नया इतिहास रच दिया है। छत्तीसगढ़ शासन की नई तेंदूपत्ता नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, संग्राहकों की मेहनत और वन विभाग की सतत निगरानी के चलते इस वर्ष तेंदूपत्ता को कई वर्षों का सर्वाधिक मूल्य प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि बीजापुर में गुणवत्तापूर्ण संग्रहण और पारदर्शी प्रबंधन की सफलता का प्रमाण है।

’बीजापुर के तेंदूपत्ता पर व्यापारियों ने जताया भरोसा’

जिला यूनियन की 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से 45 तेंदूपत्ता लॉटों का संग्रहण किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा आयोजित नीलामी में व्यापारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 45 में से 36 लॉटों के लिए निविदाएं प्राप्त होना बीजापुर के तेंदूपत्ता की उत्कृष्ट गुणवत्ता और प्रभावी प्रबंधन पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

’रिकॉर्ड दरों ने बढ़ाया बीजापुर का मान’

इस वर्ष नीलामी में कई लॉटों को रिकॉर्ड कीमत मिली है जिसमें 4 लॉटों को 10,000 रुपये प्रति मानक बोरा से अधिक की दर और 8 लॉटों को 9,000 रुपये से अधिक प्रति मानक बोरा का मूल्य प्राप्त हुआ। इसी तरह 4 लॉटों को 8,000 रुपये से अधिक की दर, 10 लॉटों को 7,000 रुपये से अधिक प्रति मानक बोरा का मूल्य और 10 लॉटों को 6,000 रुपये तक प्रति मानक बोरा की दर प्राप्त हुई।

’संग्राहकों की मेहनत लाई समृद्धि’

संग्रहण से लेकर उपचारण, भंडारण और नीलामी तक हर चरण में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया। इसका परिणाम यह रहा कि हजारों तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को संग्रहण पारिश्रमिक के साथ भविष्य में बोनस का लाभ मिलेगा। इसके अलावा उन्हें लघु वनोपज संघ द्वारा संचालित बीमा, छात्रवृत्ति और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ प्राप्त होगा।

’वन आधारित अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती’

यह उपलब्धि वन विभाग, प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों और संग्राहक परिवारों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। बीजापुर ने एक बार फिर साबित किया है कि गुणवत्तापूर्ण संग्रहण, पारदर्शी व्यवस्था और प्रभावी प्रबंधन से वन आधारित अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। यह सफलता न केवल जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि प्रदेश के अन्य वन क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण है।

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