नाबालिग को बनाता था हवस का शिकार : विरोध करने पर करता था मारपीट, तंग आकर पीड़िता ने दी जान, ढाबा संचालक गिरफ्तार

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राजनांदगांव। थाना सोमनी पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म कर उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता के परिजनों ने थाना सोमनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी करीब दो-तीन माह पहले नौकरी के लिए राजनांदगांव के टेडेसरा स्थित एक कॉल सेंटर में काम करने आई थी। इस दौरान वह टेडेसरा में स्थित रंजीत सिंह के ढाबे में रहती थी। बाद में वह करीब 15 दिनों से टेडेसरा के एक किराए के मकान में रहने लगी थी।

परिजनों ने पुलिस को बताया कि मृतका ने उन्हें जानकारी दी थी कि रंजीत सिंह उसके साथ मारपीट करता था और जबरन शारीरिक संबंध बनाता था। इतना ही नहीं, घर वापस जाने की बात करने पर आरोपी उसे कमरे में बंद कर देता था। परिजनों का आरोप है कि आरोपी के लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर नाबालिग ने आत्महत्या कर ली।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी रंजीत सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64, 127(2), 108 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। नाबालिग से जुड़े संवेदनशील और गंभीर प्रकरण को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी सोमनी निरीक्षक दिलीप पटेल के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी रंजीत सिंह पिता शीतल सिंह (22 वर्ष), निवासी ग्राम सौन्दर, थाना डुग्गीपार, जिला गोंदिया (महाराष्ट्र), हाल पता पीएनआर ढाबा, अरोरा फ्यूल्स, टेडेसरा, थाना सोमनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई।

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