मादा नीलगाय का शिकार: पकाकर खाने की थी तैयारी, लेकिन पहुंच गई वन विभाग की टीम, 2 पकड़ाए-4 फरार

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महासमुंद : जिले के पिथौरा वन परिक्षेत्र से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने एक मादा नीलगाय को कुल्हाड़ी से हमला कर मार डाला और फिर उसके मांस को पकाने की फिराक में थे, लेकिन उससे पहले ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर दो आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं चार आरोपी फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश में टीम जुट गई है।

जानकारी के मुताबिक, सुखीपाली गांव के शांतिनगर में रहने वाले आरोपी ईश्वर कुमार और टंकधर रात्रे सोमवार सुबर 7 बजे भालुडोंगरी की ओर तेंदूपत्ता तोड़ने गए थे, तभी उनकी नजर मादा नीलगाय पर पड़ी, जिसे कुत्तों ने दौड़ा-दौड़ाकर थका दिया था। इसी का फायदा उठाते हुए ईश्वर और टंकधर ने उसपर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इस हमले में नीलगाय की मौत हो गई।

नीलगाय को मारने के बाद दोनों आरोपी उसे पास के खेत में लेकर गए, जहां उन्होंने मांस पकाने की तैयारी की। इतने में वहां अन्य ग्रामीण भी पहुंच गए और मांस पकाने में उनका हाथ बटाने लगे, लेकिन किसी ने इसकी जानकारी वन विभाग को दे दी, जिसके बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जोहित झरेखा को पकड़ लिया। वहीं बाकी आरोपी मौके से फरार हो गए।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

जोहित से पूछताछ कर टीम ने एक और आरोपी सुरेंद्र झरेखा को गिरफ्तार कर लिया। वहीं मुख्य आरोपी ईश्वर कुमार, टंकधर रात्रे, सचिन प्रधान और विद्याधर प्रधान फरार है। वन विभाग की टीम ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरु कर दी है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी ने क्या कहा ?

वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला का इस मामले में कहना है कि मृत नीलगाय मादा थी, जिसकी उम्र 4 साल के आसपास थी। घटना की चश्मदीद महिलाओं से बयान लिए गए हैं। नीलगाय के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद नियमानुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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