नरवा योजना से हो रहा किसानों का उद्धार, स्टॉपडेम एवं पुलिया सह स्टॉपडेम निर्माण से हुई फसल के रकबे में बढ़ोत्तरी

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रायपुर| राज्य शासन की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा और बारी किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। सूरजपुर जिले में नरवा योजना अन्तर्गत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से छोटे नालों को संवारा जा रहा है। जिले के भैयाथान विकासखण्ड से महज 30 किमी. की दूरी पर ग्राम पंचायत गंगौटी में कोकड़ी नाला स्थित है। इस नाले पर मनरेगा मद से 24.79 लाख की लागत से स्टॉपडेम का निर्माण कराया गया है। उक्त स्टॉपडेम के निर्माण हो जाने से गंगौटी सहित आपसास के गांव के लोगों को निस्तारी, पशुओं को पीने का पानी एवं 10 एकड़ में खरीफ फसल तथा 5 एकड़ में रबी फसल हेतु सिंचाई सुविधा मिल पा रही है।

 

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स्थानीय ग्रामीणों द्वारा यहां सदैव एक स्टापडेम की मांग निरंतर की जाती रही। उनका मानना था कि स्टापडेम के निर्माण से सब्जियों के खेती के अलावा रबी फसलें जैसे मक्का, ग्रीष्मकालीन धान की फसले भी ली जा सकती है। इस स्टापडेम के बन जाने से किसानों का सपना साकार हुआ है। इसी प्रकार जिले के रामानुजनगर विकासखण्ड से लगभग 10 किमी. की दूरी पर ग्राम सेन्दुरी में मनरेगा मद से 43.39 लाख की लागत से देवल्लापारा से महादेवपारा मार्ग पर पुलिया सह स्टॉप डेम का निर्माण कराया गया है। पुलिया सह स्टॉप डैम बन जाने से अब सेन्दुरी से जगरनाथपुर बरसात में आने-जाने में सुविधा हो गयी है। इसके बनने से 12 एकड़ में खरीफ फसल एवं 5 एकड़ में रबी की फसल की सिचाई की सुविधा मिल पायेगी। इस वर्ष उनकी यह मांग पूरी होने से उनके चेहरों में चमक है। किसान यह भी मानतें है की आगामी वर्षों में इस पुलिया सह स्टापडेम के बदौलत अधिक से अधिक किसान वर्ष में एक से अधिक फसल अवश्य ले सकेंगे। नरवा के इन कार्यों से जहां एक ओर फसल के रकबे में बढ़ोत्तरी हो रही है वही दूसरी ओर भूमिगत जल स्रोतो संरक्षण से इस क्षेत्र की बसाहटों को शुष्क दिवसों में पेयजल संबंधी दिक्कतों का सामना भी नही करना पड़ेगा।

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