दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक पहुंची योजनाओं की रोशनी, जनजातीय गरिमा उत्सव शिविरों से पहाड़ी कोरवा परिवारों को मिली बड़ी राहत

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रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित “जन भागीदारी : सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान के तहत आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर अब दूरस्थ वनांचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदायों के लिए राहत और भरोसे का माध्यम बनते जा रहे हैं। शिविरों के जरिए स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, खाद्य, कृषि, राजस्व और श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसी क्रम में बलरामपुर जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पतरापारा तथा विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम बराहनगर में आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव शिविरों में बड़ी संख्या में पहाड़ी कोरवा परिवार शामिल हुए। शिविरों में अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर समाधान की प्रक्रिया प्रारंभ की।

राजपुर विकासखंड के पतरापारा शिविर में डिगनगर, अमदरी, चंद्रगढ़ और करजी सहित आसपास के गांवों से पहुंचे ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 71 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जबकि 21 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए ताकि जरूरतमंद परिवारों को नि:शुल्क उपचार सुविधा मिल सके। कृषि विभाग द्वारा 11 किसानों का एग्री स्टैक पंजीयन भी किया गया।वहीं रामचंद्रपुर विकासखंड के बराहनगर शिविर में राजस्व विभाग ने 6 जाति प्रमाण पत्र, 6 आय प्रमाण पत्र और 6 निवास प्रमाण पत्र जारी किए। इसके अलावा 27 जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र भी ग्रामीणों को प्रदान किए गए। खाद्य विभाग द्वारा 37 हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए, जिससे पात्र परिवारों को खाद्यान्न सुविधा का लाभ मिलेगा।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां 157 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा 2 आयुष्मान कार्ड बनाए। पशुधन विकास विभाग ने 68 पशुपालकों को पशु दवाओं का वितरण किया। श्रम विभाग ने 10 श्रम कार्ड बनाए, जबकि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 2 हितग्राहियों को पेंशन योजना एवं 1 हितग्राही को परिवार सहायता योजना का लाभ दिया गया। कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 6 प्रकरणों में सुधार, 2 किसानों का एग्री स्टैक पंजीयन और 1 मृदा परीक्षण सैंपल संग्रहित किया गया।

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार आयोजित यह अभियान कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। शिविरों के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातीय पहाड़ी कोरवा परिवारों तक शासन की योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित हो रही है। दूरस्थ अंचलों में आयोजित ये शिविर जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा की सुविधाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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