मानवाधिकार सहायता संस्थान के जिला चेयरमेन ने कलेक्टर से की हस्तक्षेप की मांग, पर्यावरण और प्रदूषण को लेकर जताई चिंता
हीरो सोनवानी
बिलासपुर। मस्तुरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत दर्राभाठा में मनरेगा के तहत कराए जा रहे तालाब निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गांव के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि तालाब निर्माण के लिए उस भूमि पर बड़ी संख्या में पेड़-पौधों की कटाई की जा रही है, जहां पिछले कई वर्षों से कोसाबाड़ी संचालित है और हजारों पौधे लगाए गए थे। मामले को लेकर कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत प्रस्तुत कर कार्य पर रोक लगाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
जनदर्शन में पहुंचा मामला
सोमवार को आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में ग्राम दर्राभाठा निवासी देव सिंह सोनवानी (43) ने जिला प्रशासन को आवेदन सौंपा। उन्होंने स्वयं को मानवाधिकार सहायता संस्थान भारत का जिला चेयरमेन बताते हुए शिकायत में कहा कि ग्राम पंचायत दर्राभाठा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत नए तालाब की खुदाई का कार्य कराया जा रहा है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि जिस स्थान पर तालाब निर्माण किया जा रहा है, वहां करीब 12 वर्षों से कोसाबाड़ी संचालित है। साथ ही दो वर्ष पूर्व बड़ी संख्या में छोटे-छोटे पौधे लगाए गए थे, जो अब विकसित हो रहे हैं।
‘हजारों पौधों और पेड़ों की कटाई हो रही’
शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच, रोजगार सहायक और संबंधित तकनीकी अमले द्वारा स्थल की स्थिति का समुचित परीक्षण किए बिना तालाब निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति प्राप्त कर ली गई। इसके बाद अब निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में छोटे और बड़े पेड़ों की कटाई की जा रही है।
आवेदन में दावा किया गया है कि यदि इसी तरह पेड़ों की कटाई जारी रही तो भविष्य में गांव के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। शिकायतकर्ता ने गर्मी बढ़ने, वर्षा प्रभावित होने और हरित क्षेत्र कम होने जैसी आशंकाएं भी व्यक्त की हैं।

एनटीपीसी की राखड़ से बचाव का भी हवाला
जनदर्शन में दिए गए आवेदन में यह भी कहा गया है कि गांव के आसपास एनटीपीसी परियोजना स्थित है। शिकायतकर्ता के अनुसार क्षेत्र में मौजूद पेड़-पौधे राखड़ और प्रदूषण के प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका कहना है कि यदि बड़ी संख्या में पेड़ काट दिए गए तो भविष्य में प्रदूषण और राखड़ से होने वाली समस्याएं बढ़ सकती हैं।
कार्य रोकने और कार्रवाई की मांग
देव सिंह सोनवानी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मनरेगा के तहत चल रहे तालाब निर्माण कार्य की जांच कराई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक कार्य पर रोक लगाई जाए। शिकायत में ग्राम पंचायत के सरपंच, रोजगार सहायक तथा संबंधित इंजीनियर के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की भी मांग की गई है।
जनदर्शन में दर्ज हुई शिकायत
आवेदन जिला कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में प्रस्तुत किया गया। शिकायत के साथ जनदर्शन टोकन क्रमांक 2070126002530 और सुरक्षा क्रमांक 171 दर्ज किया गया है। आवेदन 2 जून 2026 को प्रस्तुत किया गया।
प्रशासनिक जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
फिलहाल शिकायत जनदर्शन के माध्यम से जिला प्रशासन तक पहुंच गई है। अब प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि तालाब निर्माण के लिए चयनित भूमि की स्थिति क्या है, वहां कितने पेड़-पौधे मौजूद हैं, निर्माण कार्य नियमानुसार स्वीकृत हुआ है या नहीं, तथा शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी तथ्यात्मकता है।
