कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ विधानसभा में रखा अविश्वास प्रस्ताव, 17 जुलाई को होगी चर्चा

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रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस ने सदन में अविश्वास प्रस्ताव पटल पर रखा है. इसे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्वीकार भी कर लिया है. इस प्रस्ताव पर सेशन के आखिरी दिन यानी 17 जुलाई को चर्चा की जाएगी. मुख्य विपक्षी पार्टी राज्य सरकार के कामकाज, प्रदेश की जनता की परेशानियों और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं को लेकर ये प्रस्ताव सदन में रखा है.

अब तक 9 बार अविश्वास प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ राज्य के गठन होने के बाद से अब तक 9 बार सदन में अविश्वास प्रस्ताव पेश हो चुका है. विपक्षी पार्टी के बहुमत साबित ना कर पाने के गिर गया है. इस बार कांग्रेस ने फिर नो-कॉन्फिडेंस मोशन लाया है. राज्य में हुई घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को जिम्मेदार माना है.

हंगामेदार रहा दूसरा दिन

विपक्ष ने मानसून सत्र के दूसरे दिन राज्य में खाद और बीज की कमी का मुद्दा उठाया. सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और किसान विरोधी बताया. प्रदेश में किसानों के साथ अन्याय हो रहा है. इसके साथ ही औद्योगिक दुर्घटनाओं पर सरकार से तीखे सवाल पूछे.

इस पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश के अति खतरनाक उद्योगों का सेफ्टी ऑडिट कराया गया है. छत्तीसगढ़ के 36 कारखानों का ऑडिट किया जा चुका है. वहीं, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने असहमति जताते हुए कहा कि वेदांता संयंत्र में हुए हादसे में 25 लोगों की मौत हुई थी. विपक्ष ने सदन से वॉक आउट भी किया.

विपक्षी विधायक निलंबित

सत्र के दूसरे दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर जमकर बहस हुई. इस दौरान विपक्षी पार्टी के एक विधायक वेल में पहुंच गए. नियम के मुताबिक वे स्वयं ही निलंबित हो गए. मानसून सेशन की बात करें तो 13 जुलाई को शुरू हुआ सत्र 17 जुलाई तक रहेगा.

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