छत्‍तीसगढ़ के भिलाई में है भारतीय रेलवे का सबसे अधिक उत्पादन क्षमता वाला सोलर प्लांट, जानिए इसकी खास बातें

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दुर्ग/भिलाई : हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) को बढ़ावा देने भारतीय रेलवे द्वारा रायपुर रेल मंडल के बीएमवाय चरोदा में 50 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांट का निर्माण पूरा कर लिया गया है। बीते मई एवं जून के पहले सप्ताह में दो चरणों में उत्पादन का ट्रायल भी पूरा कर लिया गया है।

50 मेगावाट का सोलर प्लांट उत्पादन के लिए तैयार

पहले ट्रायल में जो तकनीकी खामियां सामने आई उसे भी दूर कर लिया गया है। दूसरे ट्रायल में प्लांट उत्पादन में खरा उतरा। 200 एकड़ क्षेत्रफल में लगाए गए इस सोलर प्लांट में उत्पादन होने वाली बिजली पावर ग्रिड में दी जाएगी। रेलवे इतनी ही बिजली देश में कहीं भी पावर ग्रिड से ले सकेगा। बिजली का व्यावसायिक उत्पादन (कामर्शियल प्रोडक्शन) सोलर प्लांट के विधिवत उद्घाटन के साथ ही शुरू होगा।

अब प्रधानमंत्री के हाथों शुभारंभ की है तैयारी

जुलाई-अगस्त में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संभावित भिलाई आगमन के दौरान ही इसे राष्ट्र के लिए समर्पित कराने की तैयारी है। हालांकि रेलवे के अफसर इस पर अभी खुलकर कुछ भी नहीं बता रहे हैं। इस प्लांट का निर्माण शेरिशा रूफटाप कंपनी ने किया है। 27 साल तक यही कंपनी इस प्लांट का संचालन करेगी।

रायपुर मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार ने कहा, सोलर प्लांट ट्रायल पर है, व्यावसायिक उत्पादन शुरू नहीं हुआ है, विधिवत शुभारंभ कब होगा, कौन करेगा यह सब उच्च स्तर पर तय होना है।

सोलर प्लांट की खास बातें

200 एकड़ क्षेत्र चरोदा में फैला है यह प्लांट।

1 लाख 54 हजार 500 सोलर पैनल से होगा बिजली का उत्पादन।

20-20 सोलर पैनल की एक कतार बनाई गई है।

300 करोड़ रुपये लगभग इस योजना की लागत।

33 केवी क्षमता के चार सब स्टेशन से बिजली एकत्र कर आगे भेजी जाएगी।

33/220 केवी क्षमता सब स्टेशन के माध्यम से पावर ग्रिड कारपोरेशन को दी जाएगी बिजली।

4 किलोमीटर दूर स्थित है सोलर प्लांट से पावर ग्रिड कुम्हारी का यार्ड।

2 साल में पूरा होना था प्रोजेक्ट, कोरोना की वजह से प्रभावित रहा काम।

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