जहां कभी डर था, वहां अब विकास की नई पहचान : पुवर्ती बना सुकमा जिले का पहला पूर्ण जनगणना गांव, प्रगणक जवाराम पटेल को कलेक्टर ने किया सम्मानित

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रायपुर : कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाला यह गांव अब प्रशासन और जनता के मजबूत विश्वास का प्रतीक बन गया है। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड का ग्राम पुवर्ती अब बदलाव और विकास की नई मिसाल बनकर सामने आया है।  जनगणना कार्य के प्रथम चरण में पुवर्ती सुकमा जिले का पहला ऐसा गांव बना, जहां सबसे पहले जनगणना कार्य पूरा किया गया।

इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कलेक्टर कक्ष में प्रगणक एवं सहायक शिक्षक श्री जवाराम पटेल को सम्मानित किया। श्री पटेल ने मात्र तीन दिनों में गांव का जनगणना कार्य सफलता पूर्वक पूरा कर एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया। जवाराम पटेल ने बताया कि उनके कार्यक्षेत्र में लगभग 950 से अधिक आबादी और 234 मकान शामिल थे। गांव में 2 आंगनबाड़ी केंद्र और 1 स्कूल संचालित है।

जनगणना के दौरान स्थानीय गोंडी भाषा समझने में कठिनाई आई, लेकिन उन्होंने इसे चुनौती नहीं बल्कि सेवा का अवसर मानते हुए कार्य जारी रखा। उन्होंने स्थानीय शिक्षकों के सहयोग से गांव की सामाजिक व्यवस्था को समझा और हर परिवार तक पहुंचकर सर्वे कार्य पूरा किया। सीमित संसाधनों और भाषा संबंधी कठिनाइयों के बावजूद उनकी मेहनत और समर्पण से कार्य समय पर पूर्ण हो सका।

कलेक्टर ने कहा कि श्री जवाराम पटेल का समर्पण, साहस और जिम्मेदारी के प्रति निष्ठा अन्य जनगणना कर्मियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि पुवर्ती में जनगणना कार्य का सफलतापूर्वक पूरा होना इस बात का संकेत है कि अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी शासन की योजनाएं प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं और लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। इस अवसर पर तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी जगरगुण्डा ग्रामीण श्री योपेंद्र पात्रे भी उपस्थित रहे।

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