सुशासन तिहार संवाद, विश्वास, संवेदनशीलता और जनसेवा का बना नया माध्यम,  बना’गांव-गांव पहुंच रहा समाधान, बदल रही जिंदगी’

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रायपुर : प्रदेशभर में 1 मई से चल रहा सुशासन तिहार संवाद, विश्वास, संवेदनशीलता और जनसेवा का नया माध्यम बना है। गांवों की चौपालों से लेकर जनसमस्या निवारण शिविरों तक शासन और जनता के बीच संवाद का ऐसा सशक्त सेतु तैयार हुआ है, जहां लोगों की समस्याएं सिर्फ सुनी नहीं जा रहीं, बल्कि संवेदनशीलता और तत्परता से उनका समाधान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर सुशासन की अवधारणा को वास्तविक धरातल पर साकार कर रही है।

सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में आम नागरिकों के साथ किसानों में भी विशेष उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन की संवेदनशील पहल से किसानों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें राहत प्रदान की जा रही है। कोरबा के ग्राम नवापारा के किसान श्री शिव कंवर को भी सुशासन तिहार के माध्यम से बड़ी राहत मिली है।

वर्षों से खेती-किसानी से जुड़े श्री कंवर करीब चार एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। खेती ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य आधार है। लेकिन सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण उन्हें हर वर्ष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। खेतों तक समय पर पानी नहीं पहुंच पाने से फसल उत्पादन प्रभावित होता है और अतिरिक्त आर्थिक परेशानी भी उठानी पड़ती है।

किसान श्री शिव कंवर की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उनकी समस्या के समाधान के लिए कृषि विभाग ने उन्हें पेट्रोलचलित पंप प्रदान किया। पंप मिलने से अब उन्हें सिंचाई में सुविधा होगी और खेती का कार्य अधिक सुचारु रूप से हो सकेगा। इससे फसल उत्पादन बढ़ने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
श्री कंवर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में आम लोगों के लिए राहत का माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि अब खेतों में पानी की समस्या दूर होगी और खेती बेहतर तरीके से कर सकेंगे। उन्होंने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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